संक्षिप्त इतिहास
क्षेत्रीय जन सामान्य को अपने नौनिहालों (बच्चों) को माध्यमिक शिक्षार्जन हेतु अन्यत्र दूर भेजना पड़ रहा था। इस जटिल समस्या को गंभीरता से लेते हुए कवि व पत्रकार श्री सतीश मिश्र ‘अचूक’ ने अपनी माता स्वर्गीया प्रेमा देवी जी अग्रज श्री राकेश मिश्र जी व अनुज श्री रामनाथ मिश्र निवासी ग्राम सपहा के साथ अपने पूज्य पिता स्वर्गीय जियालाल मिश्र की पुण्य तिथि पर पूज्य श्री के नाम पर विद्यालय स्थापना का संकल्प लिया। अभिलंब ही इस पुनीत कार्य में गतिमय चरण प्रदान करते हुए “पीडी जियालाल मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट” को पंजीकृत करा कर भूमि रजिस्ट्री व भवन निर्माण की प्रक्रिया के उपरांत संस्थापक श्री सतीश मिश्र ‘अचूक’ जी द्वारा 11 जुलाई 2015 को उक्त ट्रस्ट द्वारा संचालित पंडित जियालाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सपहा पूरनपुर पीलीभीत की विधि विधान से स्थापना की गई। प्रबंध समिति के प्रबंधक श्री सतीश मिश्र, अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा देवी व अन्य पदाधिकारीगण व सम्मानित सदस्यगणों के सहयोग से वर्ष 2016 में प्रशासन योजना के अनुमोदनोपरान्त माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज से कक्षा 6 से 10 तक की सभी विषयों की नवीन मान्यता प्राप्त की। कक्षा संचालन से पूर्व संस्थापक प्रधानाचार्य श्री रामअवतार शर्मा व अन्य सुयोग्य शिक्षकों की नियमानुसार नियुक्ति की गई। बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आधुनिक व मनोवैज्ञानिक शिक्षा पद्धति के अनुरूप खेल, नैतिक शिक्षा, सामाजिक व सांस्कृतिक सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए सुयोग्य व प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जाती है। आदरणीय शर्मा जी द्वारा अवैतनिक सेवाएं दीं गईं, बाद में उनके द्वारा अस्वस्थता के कारण स्वेच्छा से त्यागपत्र देने के उपरांत 16 अक्टूबर 2017 को श्री महेशचंद्र मिश्र (पूर्व उपप्रधानाचार्य खालसा इंटर कॉलेज पूरनपुर) की प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति की गई। विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व अनुशासन व्यवस्था के फलस्वरुप बोर्ड परीक्षाओं में अपेक्षित परिणाम मिल रहे हैं। विद्यालय वर्ष 2020 से निरंतर हाई स्कूल/ इंटर बोर्ड परीक्षा केंद्र बन रहा है। कम खर्च पर अच्छी शिक्षा के आधार पर शिक्षा प्रदान की जा रही है। गरीब छात्रों/छात्राओं को प्रवेश शुल्क व अन्य शुल्क में रियायत का प्रावधान है। प्रबंध समिति, जन सहयोग व प्रधानाचार्य श्री महेश चंद्र मिश्र की कार्यकुशलता व मार्गदर्शन से विद्यालय निरंतर विकास पथ पर अग्रसर है।